Big victory of ABVP in DUSU elections:अध्यक्ष पद समेत 3 सीटों पर कब्जा, NSUI को मिली उपाध्यक्ष पोस्ट

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Big victory of ABVP in DUSU elections:दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2023 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है। अध्यक्ष पद पर तुषार डेढ़ा, सचिव पद पर अपराजिता और ज्वाइंट सचिव पद पर सचिन बैसला ने जीत दर्ज की है। उपाध्यक्ष पद पर राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के अभि दहिया ने जीत हासिल की है।

शुक्रवार, 22 सितंबर को हुए चुनाव में कुल 40,287 मतों में से 24,351 मत पड़े। मतदान प्रतिशत 60.67% रहा।

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ABVP की जीत के बाद कार्यकर्ताओं ने खुशी में आतिशबाजी की और नारे लगाए। NSUI के कार्यकर्ताओं ने भी जीत के बाद जश्न मनाया।

ABVP ने 2019 में भी DUSU चुनाव में जीत हासिल की थी। उस समय भी ABVP ने तीन सीटों पर जीत हासिल की थी और उपाध्यक्ष पद पर NSUI को जीत मिली थी।

विश्लेषकों का कहना है कि ABVP की जीत के कई कारण हैं।

पहला कारण यह है कि ABVP ने छात्रों के मुद्दों को उठाया और वादे किए जो छात्रों को भाए। ABVP ने चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों की फीस बढ़ोतरी का विरोध किया और छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया।

दूसरा कारण यह है कि ABVP ने चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों के बीच व्यापक संपर्क किया। ABVP के कार्यकर्ता छात्रों के बीच गए और उनकी समस्याओं को सुना। इस कारण से छात्र ABVP से जुड़े और उन्हें वोट दिया।

तीसरा कारण यह है कि ABVP के पास एक मजबूत नेतृत्व था। ABVP के उम्मीदवार लोकप्रिय थे और छात्रों ने उनमें भरोसा किया था।

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NSUI की हार के भी कई कारण हैं।

पहला कारण यह है कि NSUI का चुनाव प्रचार उतना व्यापक नहीं था जितना ABVP का था। NSUI के कार्यकर्ता उतने छात्रों के बीच नहीं गए जितने ABVP के कार्यकर्ता गए।

दूसरा कारण यह है कि NSUI के वादे छात्रों को उतने भाए नहीं जितने ABVP के वादे भाए। NSUI ने छात्रों को क्या देने का वादा किया था, यह छात्रों को साफ नहीं था।

तीसरा कारण यह है कि NSUI के पास एक मजबूत नेतृत्व नहीं था। NSUI के उम्मीदवार ABVP के उम्मीदवारों जितने लोकप्रिय नहीं थे।

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DUSU चुनाव के निहितार्थ

DUSU चुनाव की जीत और हार से इतर यह महत्वपूर्ण है कि छात्र राजनीति में सक्रिय रहें और अपने हक के लिए आवाज उठाएं। छात्र राजनीति लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और छात्रों को अपने भविष्य को बनाने में भूमिका निभानी चाहिए।

ABVP की जीत से यह भी पता चलता है कि छात्रों के मुद्दे छात्र राजनीति के केंद्र में हैं। छात्र नेता जो छात्रों के मुद्दों को उठाएंगे और उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे, उन्हें छात्रों का समर्थन मिलेगा।

NSUI की हार से यह पता चलता है कि छात्रों को खोखले वादों पर नहीं बहकना चाहिए। छात्रों को उन छात्र नेताओं को चुनना चाहिए जो छात्रों के मुद्दों को समझते हैं और उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे।

DUSU चुनाव के परिणाम छात्रों के लिए एक जगाने की घंटी है। छात्रों को यह समझना चाहिए कि उनके वोट का बहुत महत्व है। छात्रों को अपने वोट का इस्तेमाल उन छात्र नेताओं को चुनने के लिए करना चाहिए जो उनके भविष्य के लिए अच्छा काम करेंगे।

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